सरकारी सेवा में पदोन्नति पाने के लिए एक न्यूनतम सेवा अवधि (अर्हकारी सेवा) पूरी करना अनिवार्य होता है।
मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का नियम 7 यह स्पष्ट करता है कि
इस अर्हकारी सेवा की गणना किस प्रकार की जाएगी।
यह नियम विचारण तिथि (Cut-off Date) एवं कैलेंडर वर्ष के आधार पर सेवा अवधि की गणना का
सरल एवं स्पष्ट मानदंड प्रदान करता है।
(1) विचारण तिथि – 31 दिसंबर –
पदोन्नति के लिए पात्रता हेतु अर्हकारी सेवा की गणना
संबंधित चयन वर्ष की 31 दिसंबर (विचारण तिथि) के पूर्वान्ह तक की जाएगी।
सरल शब्दों में: जिस वर्ष की पदोन्नति प्रक्रिया चल रही है, उस वर्ष की
31 दिसंबर (मध्यरात्रि से पूर्व) तक जितनी भी सेवा आपने पूरी कर ली है,
वही अर्हकारी सेवा मानी जाएगी।
(2) स्पष्टीकरण (Explanation): –
लोक सेवक द्वारा पूर्व पदोन्नति का कार्यभार जिस कैलेंडर वर्ष में ग्रहण किया गया है,
उसे अर्हकारी सेवा की गणना के लिए एक पूरा वर्ष माना जाएगा।
सरल शब्दों में: यदि आपने दिसंबर माह में भी कोई पदोन्नति प्राप्त की है,
तो उस पूरे कैलेंडर वर्ष को 1 वर्ष की सेवा के रूप में गिना जाएगा।
इसका मतलब, भले ही आपने वर्ष के अंतिम महीने (दिसंबर) में पदोन्नति ली हो,
फिर भी वह पूरा वर्ष सेवा अवधि में जुड़ेगा।
उदाहरण: – यदि कोई लोक सेवक दिसंबर 2021 में
फीडर संवर्ग/सेवा के भाग/पद में आया है, तो:
भले ही उसने दिसंबर 2021 (वर्ष का अंतिम माह) में प्रवेश किया,
फिर भी 2021 को 1 वर्ष माना जाएगा।
प्रवेश वर्ष – दिसंबर 2021 → विचारण तिथि – 31 दिसंबर 2025 → अर्हकारी सेवा – 5 वर्ष
✅ विचारण तिथि – 31 दिसंबर (प्रत्येक चयन वर्ष)
✅ यह नियम उन कर्मचारियों के लिए विशेष लाभकारी है, जिन्होंने वर्ष के अंतिम माह (दिसंबर) में पदोन्नति प्राप्त की है।
"फीडर संवर्ग में प्रवेश का वर्ष पूरा गिना जाएगा – भले ही प्रवेश दिसंबर में क्यों न हुआ हो।
विचारण तिथि 31 दिसंबर के पूर्वान्ह तक की सेवा ही अर्हकारी सेवा मानी जाएगी।"
यह जानकारी मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के असाधारण राजपत्र पर आधारित है।
यह केवल सूचनात्मक है तथा इसे कानूनी सलाह न समझें।
किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व संबंधित विभाग/प्राधिकारी से आधिकारिक पुष्टि अवश्य प्राप्त करें।
नियम 7: अर्हकारी सेवा की गणना (Qualifying Service Calculation)
नियम 7 का मुख्य प्रावधान
स्पष्टीकरण – कैलेंडर वर्ष की गणना
उदाहरण द्वारा समझें
31 दिसंबर 2025 (विचारण तिथि) के पूर्वान्ह तक उसकी
5 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण हो जाएगी।
गणना का सरल सूत्र
प्रवेश वर्ष – जनवरी 2022 → विचारण तिथि – 31 दिसंबर 2025 → अर्हकारी सेवा – 4 वर्ष
प्रवेश वर्ष – दिसंबर 2020 → विचारण तिथि – 31 दिसंबर 2025 → अर्हकारी सेवा – 6 वर्ष
महत्वपूर्ण बिंदु (सावधानियाँ)
✅ गणना का आधार – कैलेंडर वर्ष (जनवरी से दिसंबर)
✅ न्यूनतम अवधि – भले ही प्रवेश दिसंबर में हुआ हो, पूरा वर्ष गिना जाएगा
✅ लाभ – अर्हकारी सेवा जल्दी पूरी होती है, पदोन्नति शीघ्र प्राप्त हो सकती है
✅ सावधानी – विचारण तिथि से पूर्वान्ह तक की सेवा ही गिनी जाएगी (31 दिसंबर के बाद नहीं)
इस नियम का महत्व
✅ इससे अर्हकारी सेवा की अवधि में कोई अनावश्यक विलंब नहीं होता।
✅ पदोन्नति हेतु पात्रता का निर्धारण सरल एवं पारदर्शी हो जाता है।
सारांश (निष्कर्ष)
अस्वीकरण (Disclaimer)
आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।
Thank you.
R. F. Tembhre
(Teacher)
edudurga.com
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